ऑपरेशन सिंदूर: भारत की सैन्य दृढ़ता और पाकिस्तान की घबराहट – राष्ट्रहित में मोदी सरकार की निर्णायक रणनीति

ऑपरेशन सिंदूर: भारत की सैन्य दृढ़ता और पाकिस्तान की घबराहट

ऑपरेशन सिंदूर: भारत की सैन्य दृढ़ता और पाकिस्तान की घबराहट

प्रकाशित: 20 मई 2025 | NewBharat1824.in

"अब खामोशी नहीं, करारा जवाब ही राष्ट्र का सम्मान बचा सकता है।"

भारत की निर्णायक कार्रवाई

ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य शक्ति और राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रमाण है। इस अभियान में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक और निर्णायक हमला किया। यह सिर्फ एक सैन्य अभियान नहीं था, यह एक संदेश था – अब भारत चुप नहीं बैठेगा।

कई बार भारत को संयम बरतने वाला राष्ट्र कहा गया, लेकिन इस बार संयम नहीं, सामर्थ्य बोला। भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक के बाद अब ऑपरेशन सिंदूर के जरिए यह सिद्ध कर दिया कि वह अब ‘रक्षात्मक’ नहीं, ‘प्रतिक्रियाशील’ राष्ट्र है।

पाकिस्तान की घबराहट और टूटती साख

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता और सैन्य घबराहट साफ देखी गई। इस्लामाबाद की संसद में विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा, और सेना के प्रवक्ता केवल बयानबाज़ी करते रह गए। सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी जनता तक ने सवाल खड़े किए – "क्या हमारे नेता सिर्फ नारे देंगे या कोई ठोस रणनीति भी है?"

अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी भारत की इस कार्रवाई को रणनीतिक सफलता माना। न्यूयॉर्क टाइम्स से लेकर बीबीसी तक ने लिखा कि भारत ने ‘Targeted Military Precision’ के साथ कार्यवाही की और इसके बाद पाकिस्तान की सैन्य प्रतिष्ठान में हलचल मच गई।

मोदी सरकार की दृढ़ रणनीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्वशक्ति एक बार फिर राष्ट्र के सामने आई। उन्होंने किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस की आवश्यकता नहीं समझी – उनके एक्शन ने ही सब कह दिया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विक्रम मिस्री और सेना प्रमुख की संयुक्त योजना से यह सुनिश्चित किया गया कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ सैन्य जवाब नहीं, रणनीतिक नियंत्रण भी हो।

विदेश मंत्रालय ने तुरंत दुनिया भर के भारतीय दूतावासों से संपर्क साधा और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति स्पष्ट की। यह राजनयिक मोर्चे पर भी एक सफलता रही – क्योंकि भारत ने यह कार्यवाही संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत ‘सेल्फ डिफेंस’ की श्रेणी में की।

जनता का समर्थन और राष्ट्र का जोश

ऑपरेशन सिंदूर की खबर आते ही पूरे देश में जोश और भावनाओं का सैलाब आ गया। लोग सड़कों पर तिरंगा लेकर निकल पड़े, सोशल मीडिया पर 'जय हिन्द' और 'भारत माता की जय' ट्रेंड करने लगे। यह केवल सैन्य जवाब नहीं था, यह जनभावना का विस्फोट भी था।

बुद्धिजीवी वर्ग ने इस पर सवाल नहीं, समर्थन दिया। सैनिकों की बहादुरी को सलाम करते हुए कई राज्यों में स्वैच्छिक मौन रखा गया, शहीदों की स्मृति में दीप प्रज्वलन हुआ और युवाओं ने #IndiaStrikesBack जैसे ट्रेंड्स चलाकर सरकार को समर्थन का भरोसा दिया।

इतिहास का पुनरावृत्ति: 1971 से 2025

1971 की भारत-पाक युद्ध में भारत ने बांग्लादेश की स्वतंत्रता सुनिश्चित की थी। अब 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिए भारत ने यह स्पष्ट किया है कि आतंक और घुसपैठ की राजनीति अब नहीं चल सकती। भारत की जवाबी नीति अब सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं, बल्कि ‘फील्ड’ तक जा पहुंची है।

राष्ट्रीय सुरक्षा का नया मॉडल

ऑपरेशन सिंदूर यह भी दर्शाता है कि भारत ने सिर्फ सैनिक क्षमता नहीं, साइबर इंटेलिजेंस और उपग्रह सर्विलांस का भी बेहतरीन प्रयोग किया। बिना ज़मीनी नुकसान के शत्रु को दंडित करने की यह नीति आने वाले समय में भारत की सैन्य सोच का आधार बनेगी।

इस अभियान में नए हथियार सिस्टम, रडार चुपचाप तकनीक और AI आधारित लक्ष्य विश्लेषण का उपयोग किया गया, जो दर्शाता है कि भारत अब तकनीकी रूप से भी पूर्णतः सक्षम है।

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— अभिजीत गुरु | संपादक, NewBharat1824.in

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